Sada Khush Kaise Rahen - Dr. Sachin Parab


आपके साथ जो कुछ भी होता है, आप कैसे देखते हैं उसके ऊपर है, यस और नो? समझ रहे हैं?

कभी भी आप यह मत कहो कि भगवान ने मेरे साथ ऐसा क्यों किया, मैं हमेशा यह कहता हूँ, कन्वर्ट योर स्ट्रेस इनटू स्ट्रेंथ, ट्रेजेडी इनटू ट्रायम एंड स्कार्स इनटू स्टार्स। कर सकते हो आप। और यहाँ पर ब्रह्मा कुमारी का राजयोग आता है। मैं बहुत कुछ सुना सकता हूँ, लेकिन एक छोटी सी कविता आपको सुनाता हूँ।


"छोटी सी ज़िंदगी है, हर बात में खुश रहो।
जो पास न हो, उनकी आवाज़ में खुश रहो।
कोई रूठा हो तुमसे, उसके ही अंदाज में खुश रहो।

जो लौट के नहीं आने वाले, उन लम्हों की याद में खुश रहो।

कल किसने देखा है, अपने आज में खुश रहो।

खुशियों का इंतज़ार किस लिए करते हो? दूसरों की मुस्कान में खुश रहो।

क्यों तड़पते हो हर वक्त किसी की साथ को? कभी तो अपने आप में खुश रहो।

छोटी सी ज़िंदगी है, हर हाल में खुश रहो।


एक प्रिंसिपल जो मैंने बनाया है, यह मुंबई का स्टोरी आपको सुना रहा हूँ। मुंबई में बस से एक लेडी जा रही थी, वह विंडो के पास बैठी है, उसके बाजू की सीट खाली है, एक मोटी औरत आई सामान लेके, आँखें बैठ गई उसके बाद, उसको दबा दिया अंदर, वह ऐसी हो गई। अभी सभी लोग कह रहे हैं, यह कुछ तो बोले हैं, लेकिन वह कुछ नहीं बोल रही है। तो पीछे वाले ने बोला, अरे तुम बोलते क्यों नहीं? तुमको इतना वह दबा रही है, तकलीफ दे रही है। वह लेडी ने जवाब दिया, क्या जवाब दिया पता है? मराठी में वह बोली, प्रवास छोटा सा है, दो स्टॉप के बाद मैं उतरने वाली हूँ। अभी इसके साथ झगड़ा करके मैं मेरा पूरा दिन क्यों खराब करूँगी? समझ रहे हैं आप बात को?

 

एक ही ध्यान में रखो, ज़िंदगी की यात्रा छोटी सी है, कब कौन कहाँ उतर जाएगा हमको नहीं पता। तो दिल में नेगेटिविटी रख के मत जियो, यस और नो? छोटी सी, छोटी सी ज़िंदगी है, हर हाल में खुश रहो।

 

यह हमारे पास साइंटिस्ट आते थे, डीआरडीओ के रिसर्च में, उन्होंने यह बताया, राजयोगा मेडिटेशन इज कमिनियन ऑफ इनर लाइट विद द सुप्रीम लाइट। आप बैठे-बैठे भगवान से बातें करो, घर-बार छोड़ने की कोई जरूरत नहीं है। घर गृहस्थ में रहते हुए, अपनी ड्यूटी संभालते हुए, भगवान से बातें करो। और हम अभी बैठे-बैठे यह करने वाले हैं, करेंगे। यह देखो, यह हमारी दादी जानकी है, वैसे बोलना नहीं चाहिए, थर्ड स्टैंडर्ड पढ़ी हुई है। लेकिन विश्व के सभी साइंटिस्ट इनके पास आते थे, इनके ऊपर रिसर्च हुआ, इनको इलेक्ट्रोड्स लगाए गए। पर इन्होंने ईजी में अपने माइंड को एकदम स्टेबल रखा, डेल्टा वेव्स दिखाए। नॉर्मली हमारे बीटा वेव्स होते हैं, जैसे हम रिलैक्स होते हैं, अल्फा थीटा डेल्टा में जाते हैं। रात को जब हम सोते हैं, स्लीप साइकिल में 5 मिनट के लिए डेल्टा में, तीन-चार साइकिल में हम 20 मिनट डेल्टा में जाते हैं। पर वह 20 मिनट डेल्टा की वजह से हम दिन भर फ्रेश रहते हैं। दादी जानकी 24 आवर डेल्टा। तो साइंटिस्ट को पहले लगा मशीन खराब है, उन्होंने कंट्रोल सब्जेक्ट को बिठाया, देखा मशीन तो बराबर है, क्योंकि दूसरे को बिठाते ही बीटा वेव्स आते हैं। दादी को बिठाया डेल्टा वेव्स। फिर उन्होंने दादी को अवार्ड दिया, वन ऑफ द मोस्ट स्टेबल माइंड इन द वर्ल्ड। यह दादी जानकी को अवार्ड मिला। पर यह कैसे किया इन्होंने? मेडिटेशन से किया। और वह स्टेज,

 

अभी यह मैं एंजियोग्राफी दिखा रहा हूँ, यह रिसर्च का, अभी यह पांचाल पेशेंट को मैं भूल नहीं सकता, 100% ब्लॉक है, इसका आर्टरी ब्लॉक है, आरसी है, राइट कॉर्नर है आर्टरी। इसके पास तो बहुत बुरा हाल था इसका। बोला, सर कैसे भी करके मेरे को ले लो, बायपास के लिए पैसे नहीं। बोला, ठीक है, हमारा भी रिसर्च है, 30% इंजेक्शन फ्रैक्शन चाहिए, हम नहीं ले सकते। यह लिया, इसका देखो, यह पूरा आर्टरी खुल गया। यह 2000 साल का है, 2001, इंडिपेंडेंट रेडियोलॉजिस्ट ने यह चेक किया। ऐसे हमारे पास 12000 केसेस हैं। यह राजयोग का कमाल है। और यह सब होता है इस मेडिटेशन से।

 

अभी हाँ, क्योंकि नए लोग आए हैं, मैरा अनुभव, क्योंकि थ्योरी हम बहुत सुनते हैं, हम अनुभव करें। अभी मैं आपको यह वीडियो दिखा रहा हूँ, यह वीडियो को एक्सपीरियंस करो आप। हाँ, यह वीडियो आप देखेंगे। इन मेडिटेशन वी गेट एंड कॉस्मिक एनर्जी। इट फ्लोज थ्रू ल आवर एनर्जी ट्यूब्स ऑफ द एनर्जी बॉडी। न कॉस्मिक एनर्जी इ पासिंग थ्रू एनर्जी ट्यूब बिकॉज ऑफ इट्स हैवी फ्लो, इट क्लींजस ल एथिक पैचे। न एथिक पैचे आर क्लींस्ड, वी कम आउट ऑफ ल आवर इलनेसेस। और इस स्टेज में हमको पहुंचना है, यह डबल लाइट स्टेज है, जब आपका शरीर हल्का रहता है, मन भी हल्का रहता है। करेंगे अनुभव, क्योंकि हम सुनते बहुत हैं। वैसे जो बातें मैंने आपको बताई ना, यह किताब मैंने लिखा, यह किताब भी बेस्ट सेलर बन गया है, समस्याओं से समाधान तक।

क्योंकि मेरे जीवन में बहुत प्रॉब्लम आए, मैं समय के अभाव से नहीं सुना रहा हूँ, बहुत प्रॉब्लम आए। और भगवान ने बहुत चमत्कार किए, जो मैं नहीं मानता। मैं नास्तिक था, लेकिन ब्रह्मा कुमारी के पास आने के बाद मेरे विचार बदलने लगे। तो यह किताब में मैंने लिखे हैं,

 

हम अभी मेडिटेशन करेंगे, पांच मिनट के लिए। आप खुद देखना, अभी आपका शरीर कैसा है, पांच मिनट के बाद कैसा है। माइंड को भी देखना। अभी मैं देख रहा हूँ, कुछ लोग ना बीच-बीच में उठ क्यों रहे, पता है, उनको डर है, कोई इंपॉर्टेंट कॉल तो नहीं आएगा। यह जो बीमारी है, इसको हम कहते फोमो, फियर ऑफ मिसिंग आउट। यह पहले नहीं थी बीमारी, यह मोबाइल के बाद आई है। तो मेरा एक ही रिक्वेस्ट है, मोबाइल को क्या करना पड़ेगा? बेस्ट स्विच ऑफ मोड। लेकिन अगर आपको लगता है कि नरेंद्र मोदी कभी भी कॉल कर सकते हैं, साइलेंट मोड पर रखो। इंपॉर्टेंट कॉल आता है, बॉडी से थोड़ा दूर रखो।

 

तैयार हैं सभी? सीधा बैठेंगे सभी? सीधा? हाँ, वेरी गुड। सीधा माना, गर्दन और कमर एक लाइन में चाहिए ताकि आपकी ऊर्जा। मैं हीलिंग के सजेशंस देने वाला हूँ। सजेशन समझते हैं? मैं आपको कुछ विचार दूंगा, जिसको आपको स्वीकार करना है। तो मैं क्या करूंगा? ब्रेन के लिए सजेशन दूंगा, हार्ट के लिए, लंग्स के लिए, लीवर, किडनी, और स्टमक, इंटेस्टाइन, और हड्डियां, मसल्स, इस सबके लिए थॉट देने वाला हूँ। आप जितना इसको अच्छी तरह से स्वीकार करेंगे, आपकी बॉडी में करेस्पॉन्डिंगली चेंजेज आएंगे। तैयार हैं? ओके। अगर किसी का फोन बजता है गलती से, आप डिस्टर्ब मत होना। मेरे को सिद्धि प्राप्त है। मैं जो बोलता हूँ, वह हो जाता है। पहले से ही यह सब लोग हैं ना, कई लोग भूल जाते हैं कि उनको फोन स्विच ऑफ करना है। उनसे नहीं होता है वह, क्योंकि टेक्नोलॉजी का पता नहीं होता है ना। ठीक है? तो कई किसी का बज जाता है, तो आप डिस्टर्ब नहीं होना। वह अपने आप बंद हो जाएगा। हमको उससे परे जाना है। गर्दन और कमर एक लाइन में, दो पैरों के अंदर डिस्टेंस रखना है। दोनों हाथ को अपनी जंगा के ऊपर रखना है, थाइज के ऊपर, ताकि आप कंफर्टेबल बैठो। शरीर आपको खींचना नहीं चाहिए। ठीक है?

 

यह रेड लाइट इसलिए की जाती है कि जो हमारा घर है, परमधाम, जहां से हम इस धरती पर आते हैं, वह लाल कलर का है, ब्रह्मांड। इसलिए यह लाल लाइट की जाती है। सिमुलेशन है यह। ठीक है? मेरे तरफ देखो मत। गर्दन दर्द करेगी। सीधा रखो या फिर आंखें बंद करो। सिट कंफर्टेबली। केवल मेरा आवाज आपको सुनाई देना चाहिए। वेरी गुड। एकदम एकाग्र हो जाएंगे। आप में से लकी लोग वह होंगे जो बिल्कुल हल्के हो जाएंगे। कुछ लोगों को खांसी आएगी, डरना मत। बिल्कुल एकाग्र हो जाएंगे। आप अपने जीवन का सर्वश्रेष्ठ अनुभव करने जा रहे हो। वेरी गुड। बहुत अच्छा। अगले पा मिनट तक आपको केवल मेरा आवाज सुनाई देगा। केवल मेरा आवाज। जागृत हो जाइए।

 

चारों तरफ से जो भी प्रकंपन है, उसे महसूस कीजिए। योगी उसे कहते हैं जो सदैव जागृत रहता है। तो जागृत हो जाएंगे। वेरी गुड। इस हॉल के अंदर जो भी वाइब्रेशन है, उसे महसूस करो। हमारे कानों के अंदर इतनी शक्ति है कि दूर का आवाज हम कैच कर सकते हैं। तो अपने बाजू में बैठे हुए व्यक्ति के ब्रीदिंग साउंड को भी आप कैच कर सकते हैं। आपके बाजू में बैठे हुए व्यक्ति के श्वसन के आवाज को कैच करेंगे। एकाग्र हो जाओ। वेरी गुड। आपकी एकाग्रता का स्तर बढ़ते जा रहा है। धीरे-धीरे चारों तरफ से अपना ध्यान हटाकर, अपनी इच्छा शक्ति से अपना संपूर्ण ध्यान अपने शरीर के ऊपर एकाग्र करेंगे। सिर से लेकर पांव के अंगूठे तक, आपका संपूर्ण शरीर हल्का होते जा रहा है। हल्का। रिलैक्स। शरीर को बिल्कुल हल्का छोड़ेंगे। फोर्स नहीं करेंगे। नेचुरली हल्का छोड़ेंगे। शरीर के जिस अंग का मैं नाम लूंगा, ध्यान उसके ऊपर लेकर जाएंगे। पैरों से शुरुआत करेंगे।

 

पैर का अंगूठा, पैर की उंगलियां, पैर का तलवा, टखना। रिलैक्स। पिंडली की मांसपेशियां, घुटना, जंगा की मांसपेशियां, कमर का जोड़। रिलैक्स। कमर के नीचे दोनों पैर हल्के होते जा रहे हैं। शांत और रिलैक्स। दोनों पैरों के अंदर की थकावट दूर हो रही है। ऊपर आओ। ध्यान छाती और पेट के ऊपर । छाती और पेट को भी हल्का छोड़ देंगे। हल्का। बहुत अच्छा लग रहा है। हर श्वास के साथ आप हल्के होते जा रहे हैं। पीठ की मांसपेशियां। रिलैक्स। दोनों हाथों के ऊपर ध्यान लेकर जाएंगे। शरीर बिल्कुल रिलैक्स। आंखें बंद। कंधे, बाहे, कोपर, मनगट, हाथ की उंगलियां। रिलैक्स। आपके दोनों हाथ हल्के होते जा रहे हैं। बहुत अच्छा लग रहा है। गर्दन बिल्कुल रिलैक्स। चेहरा, कपाल प्रदेश, आइब्रोज, आंखें, गाल, चिन। रिलैक्स। सिर से लेकर पांव के अंगूठे तक, आपका पूरा शरीर हल्का होते जा रहा है। चेहरे पर प्रसन्नता लाओ। चेहरे पर खुशी लाओ। स्माइल लाओ। आपको बहुत अच्छा लग रहा है क्योंकि शरीर हल्का होते जा रहा है। एक्सीलेंट। और हल्के होते जाएंगे। एकदम वेटलेस हो जाएंगे। आपका कोई वजन नहीं है। एक से 10 में उल्टा गिनूंगा। जैसे 10 से एक की तरफ आऊंगा, आप और हल्के होते जाएंगे। 10, 9, आठ। आप और हल्के होते जा रहे हैं। सात। बहुत अच्छा लग रहा है। बहुत हल्का लग रहा है। छह। आपका शरीर और मन शांत होते जा रहा है। शांत। पांच। बहुत अच्छा लग रहा है। चार। और हल्के होते जाएंगे। तीन। बहुत अच्छा लग रहा है। बहुत हल्का लग रहा है। पूरा शरीर और मन शांत हो चुका है। तीन, दो, और एक। आप बिल्कुल हल्के हो चुके हो।

 

ध्यान दो आंखों के बीच में। देखेंगे एक सुंदर सितारा चमक रहा है। आप यह दिव्य सितारा हो। इस शरीर के अंदर आप चमकती हुई ज्योति हो। यह शरीर एक मंदिर है। जैसे मंदिर में ज्योति रहती है, वैसे ही शरीर रूपी मंदिर में आप एक शांत ज्योति हो। शांत स्वरूप। अभी विजुलाइज करो। जैसे वीडियो में दिखाया था, आकाश से परमात्मा शांति का सागर आपको आशीर्वाद दे रहा है। एक शांति का दिव्य प्रकाश आपके तरफ आ रहा है। मस्तक में प्रवेश कर रहा है। और यह डिवाइन हीलिंग लाइट है। मस्तक के द्वारा आपके सिर, गर्दन, छाती, पेट, हाथ, पैर, सब जगह यह लाइट प्रवेश कर रही है। शरीर के हर अंग में यह लाइट जा रही है। आपके मस्तिष्क में, सिर के अंदर जितने भी एनर्जी ब्लॉकेजेस हैं, सब ओपन हो रहे हैं। सिर की सभी मांसपेशियां हल्की हो रही हैं। ब्रेन को पावर मिल रही है। गर्दन से होते हुए छाती में, हार्ट के अंदर की सभी ब्लॉकेजेस ओपन हो रहे हैं। हार्ट की सभी नसे खुल रही हैं। ब्लॉकेजेस ओपन हो रहे हैं। हार्ट का ब्लड फ्लो अच्छा हो रहा है। फेफड़ों के अंदर जो भी कचरा है, वह सब साफ हो रहा है। आपके फेफड़ों में यह डिवाइन लाइट जा रही है। पेट के अंदर, लीवर के अंदर जितने भी टॉक्सिंस हैं, जहरीले पदार्थ हैं, सब दूर हो रहे हैं। लीवर के अंदर, राइट साइड पेट में जितने भी टॉक्सिंस, जहरीले पदार्थ दूर हो रहे हैं। लीवर फिर से हेल्दी हो रहा है। हजमे की शक्ति अच्छी हो रही है। पैंक्रियाज, स्वादुपिंड, अग्न्याशय ग्रंथि भी ठीक हो रही है। किडनी के अंदर के टॉक्सिंस दूर हो रहे हैं। स्प्लीन, प्लीहा भी ठीक हो रही है। पेट के सभी अंग स्वस्थ होते जा रहे हैं। हाथ और पैर की मांसपेशियां भी हल्की होती जा रहे हैं। रिलैक्स। हड्डियों तक यह एनर्जी जा रही है। हड्डियां भी शक्तिशाली हो रही हैं। पूरा शरीर शक्तिशाली हो चुका है।

 

मन शांत है। परमात्मा का आशीर्वाद निरंतर मुझे मिल रहा है। मैं बिल्कुल शांत होते जा रहा हूं। शांत और रिलैक्स। शांत, शांत और रिलैक्स। मेरी पूरी थकावट दूर हो चुकी है। शरीर और मन बिल्कुल शांत हो चुका है। शांत। धीरे-धीरे शरीर को बिना हिलाए, केवल अपनी आंखें खोलेंगे। महसूस करेंगे मेरी आंखें खुली हैं, पर मेरा मन और शरीर बिल्कुल शांत है। इसका मतलब दिन भर काम करते वक्त इस अवस्था में मैं रह सकता हूं। दिस इज माय ओरिजिनल नेचर। आई एम ओरिजनली पीसफुल एंड रिलैक्स। धीरे-धीरे शरीर को बिना हिलाए, केवल हाथ और पैर की उंगलियों को धीरे से हिलाएंगे। महसूस करेंगे मेरे हाथ और पैर की उंगलियां हिल रही हैं, पर मन और शरीर शांत है। इसका मतलब दिन भर हाथ और पैरों से काम करते वक्त भी, कर्मेंद्रियों से काम करते वक्त, इस शांत स्वरूप अवस्था में मैं रह सकता हूं। मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। आई एम टोटली रिलैक्स एंड पीसफुल। शांत। धीरे-धीरे पूर्ववत अवस्था में आएंगे। प्लीज कम बैक टू द ओरिजिनल स्टेज एंड रिलैक्स। प्लीज कम बैक टू द ओरिजिनल स्टेज।

 

किसको-किसको हल्का लगा? मेरी जानकारी के लिए, दोज हु फेल्ट गुड। अच्छा लगा। अभी मुझे बताओ, यह करना कठिन नहीं है, सरल है। कर सकते हैं कि नहीं? लोग क्या बोलते हैं, पता है? डॉक्टर साहब, आप जो बोलते हैं, सब ठीक है। लेकिन क्या करूं? मरने के लिए भी टाइम नहीं है। आप में से कौन-कौन है जिसको मरने के लिए टाइम नहीं है? एक डॉक्टर ने मुझे कहा, "सर, जहर खाने को टाइम नहीं है।" मैंने भी बोला, "सर, खाओ भी मत। आजकल ओरिजिनल नहीं मिलता है।"

 

लास्ट कहानी सुना रहा हूं। जाना मत, आपका जीवन बदल जाएगा। लास्ट कहानी, मुंबई की आठ माले की बिल्डिंग है। इंजीनियर आठवें माले पर है। उसका लेबर नीचे काम कर रहा है। वह इंजीनियर बुला रहा है, लेकिन उसका आवाज नहीं जा रहा है। तो इंजीनियर सोचता है, "क्या करूं? इसका ध्यान कैसे खींचूं? " तो वह ऊपर से नोट छोड़ता है, ₹1 की उठाएगा। तो ऊपर देखेगा, वह लेबर ₹1 उठाता है, जेब में डालता है, काम चालू रखता है। सोचता है, "यह कम है, इसलिए 200 की छोड़ता है।" वह 200 का भी नोट उड़ाता है, जेब में डालता है, काम चालू रखता है। अभी इंजीनियर सोचता है, "लास्ट चांस।" 500 की नोट ऊपर से छोड़ता है। इंजीनियर 500 की नोट उठाता है, जेब में डालता है, काम चालू रखता है। अभी इंजीनियर को गुस्सा आता है, पत्थर लेता है एक और ऊपर से उसके सिर के ऊपर मारता है। जैसे ही पत्थर लगा, ऊपर देखता है। इंजीनियर बोलता है, "वह तीनों नोट लेकर ऊपर आ जा।"

 

भगवान भी हमको बिजी देखकर ना नोट छोड़ता है। ₹1, ₹200। अभी ध्यान से सुनना। सुन रहे सभी? कल्पना करो, बेतुल वासियों के लिए भगवान ने मुंबई से ₹500 का नोट भेजा हुआ है। ताली मत बजाना। आगे भी समझो, अगर इस नोट का कहना नहीं माना, इस नोट का कहना नहीं माना, फिर मत कहना कि भगवान ने हमारे साथ ऐसा। भगवान सबको चांस देता है। हो सकता है कि भगवान आपको चांस दे रहा हो। यस और नो। कोई भरोसा नहीं है जिंदगी का। हम तो आजकल हार्ट अटैक यंग एज में देख रहे हैं। हमारे लिए बहुत डिस्टर्बिंग ट्रेंड है। बच्चों में हार्ट अटैक यंग एज में हार्ट अटैक आ रहा है। जींस चेंज हो रहे हैं। भरोसा नहीं है। छोटी सी जिंदगी है। हर हालात में खुश रहो। यात्रा छोटी सी है। दिल में जो भी गिले शिकवे छोड़ दो। नीचे बाबा का कमरा है, मेडिटेशन रूम। पता है आपको? उधर जाते समय बैठकर जाना। आपके दिल में जो भी बात है, बाबा को सुना दो।

 

यह देखो, यह स्वर्ग का सीन। सीनरी है। आपने कभी किसी देवता को टेंशन में देखा है? क्या कभी श्री कृष्ण को टेंशन में देखा है? जन्म से ही मारने को तैयार। उसका भी जन्म भी नहीं हुआ है। पहले से ही राह देख रहा है। यह कब बाहर आता है? मैं मारता हूं। उसकी मौसी उसको मारना चाहती है। मामा मारना चाहते हैं। क्या-क्या नहीं हुआ? कितना स्ट्रेस है। जिसके साथ प्यार हुआ, उसके साथ शादी नहीं। और उसको रणछोड़ दास कहते हैं क्योंकि वह युद्ध के मैदान से भागा। अपनी राजधानी शिफ्ट किया मथुरा से द्वारका गया। क्योंकि बहुत लोग मारे जाते थे। महाभारत का युद्ध उसके वजह से नहीं हुआ। लेकिन गांधारी ने पूरा बिल उसके ऊपर फाड़ दिया। तुम्हारे वजह से हुआ। जबकि दोनों भाइयों का झगड़ा है। और लास्ट में डेथ कैसा है? ब्लीडिंग से डेथ है। बान मारा, पैर को लगा, खून बह गया और मृत्यु है। लेकिन फिर भी हम कृष्ण की पूजा क्यों करते? क्योंकि हमेशा हर्षित मुख है, प्रसन्न चित्ता। कभी सुना है श्री कृष्ण या श्री राम को आईसीयू में एडमिट किया? बीपी बढ़ गया। वह बीपी की गोली खा रहा है। कभी नहीं। देवता बीमार नहीं पड़ते। प्रसन्न चित्ता। यह ब्रह्मा कुमारी का लक्ष्य है। नर ऐसे करनी करें जो नारायण बने और नारी लक्ष्मी। यह सतयुग में हम जा रहे हैं। अभी कौन-कौन आना चाहते हैं? आपके हाथ में है। अपनी सीट बुक करवा लो। लेकिन इजली नहीं है। मेहनत करना पड़ेगा आपको। अपने आप नहीं होने वाला। यस और नो। और मेहनत एक ही है।

 

खुद के लिए टाइम दो। भगवान और कुछ नहीं चाहता है। खुद के लिए टाइम दो। नहीं तो मुश्किल होगा। आने वाला समय बहुत चैलेंजिंग है। बराबर है। अभी मुझे बताओ, खुश रह सकते हैं? खुशी का पासवर्ड मैं बताना भूल गया। दो दिन से. हनुमान के पास बहुत ताकत थी, लेकिन वह भूल जाता था। तो उसको याद दिलाने वाला कौन था? जामवन। जामवन बोलता था, "हनुमान, तुम्हारे अंदर बहुत सारी ताकत है। तुम छलांग मारो।" वह कहता है, "मुझे पता नहीं, मेरे अंदर ताकत। मैं मेरा पासवर्ड भूल गया हूं।" जामवन बोलता है, "तुम्हारा पासवर्ड है जय श्री राम।" जैसे ही तुमने बोला, "जय श्री राम," तुम्हारी सब फाइल खुल जाएगी।

 

ऐसे ब्रह्मा कुमारी का भी पासवर्ड है। हमारा पासवर्ड क्या है? पता है? मैं उसको स्टोरी में सुनाता हूं। आप टाइगर के बच्चे को क्या कहोगे? टाइगर। बराबर है। शेर का बच्चा शेर। टाइगर का बच्चा टाइगर। तो सर्वशक्तिमान का बच्चा कौन? सर्वशक्तिमान। यह हमारा पासवर्ड है। बोलेंगे मेरे साथ? मैं बोलूंगा, "मास्टर सर्वशक्तिमान।" बोलेंगे?

 

मैं मास्टर सर्वशक्तिमान। मास्टर सर्वशक्तिमान।

सफलता मेरा ईश्वरीय जन्म सिद्ध अधिकार है।

आई कैन डू इट। मैं सब कुछ कर सकता हूं।

सर्वशक्तिमान हमेशा मेरे साथ है।

मेरी विजय निश्चित है।

आई कैन डू इट। अच्छा लगा। यही हमारा पासवर्ड है।

 

मैंने अब्दुल कलाम के साथ इंटरेक्ट किया। अब्दुल कलाम हमारे पास ऐसे ही खड़े रहो। दो मिनट के लिए अब्दुल कलाम को पूछा, "तुम्हारा सीक्रेट क्या है? " 16 पीएचडी किया है उस बंदे ने और एकदम योगी आत्मा। उन्होंने बताया, "मैं सुबह अपने आप को प्रोग्राम करता हूं।" यह उनका थॉट है। बहुत लेक्चर में उन्होंने कहा। अपने इसको वह थॉट देते हैं। अफर्मेशन हम बोलते हैं। इसको खुद को रोज पॉजिटिव प्रोग्रामिंग करेंगे। अब्दुल कलाम के थॉट। वह पांच विचार देते थे। उसमें से दो-तीन महीने लिए।

 

एक उनका विचार था, "आई एम द बेस्ट।" होल्ड डाउन। मुझे, मैं मुझे बोलने दो।

 

"आई एम द बेस्ट।

आई एम द विनर।

आई कैन डू इट।

टुडे इज माय डे एंड गॉड इज विद मी।"

इसका हिंदी में है, "मैं सर्वश्रेष्ठ हूं। मैं विजेता हूं। आज का दिन मेरा है। भगवान मेरे साथ है।"

 

और कौन सा? "मैं सब कुछ कर सकता हूं।" और उसमें मैंने मेरे पांच ऐड किए। क्योंकि मैं माइंड बॉडी मेडिसिन में काम करता हूं। तो मैंने, मैंने मेरे पांच विचार:

 

"आई एम हेल्दी।

आई एम वेल्थी।

आई एम पावरफुल।

आई एम सक्सेसफुल। एंड सब मोस्ट इंपोर्टेंट।

आई एम ब्यूटीफुल। मैं खूबसूरत हूं।"

 

खूबसूरती चेहरे की नहीं होती है। चरित्र की सुंदरता सबसे बड़ी सुंदरता है। करेंगे मेरे साथ? पर उसका तरीका है। मैं कॉर्पोरेट ट्रेनर हूं। हमारा तरीका थोड़ा ड्रामेटिक होता है। हम ड्रामा करते हैं। करेंगे ड्रामा? थोड़ा पैरों में अंतर लो। हां, कैसे करना है? देखो, ऐसे हाथ रखना है। और मेरे साथ ऐसे हाथ को, हाथ को ऐसे ओपन करके ऊपर देख के नाभी से बोलना है। जैसे मैं ऐसे करूंगा, "आई एम द बेस्ट।" चेहरे पर खुशी नहीं है। "आई एम द बेस्ट।" चेहरा आपके शरीर की हर पेशी बोलनी चाहिए कि "यू आर द बेस्ट।" समझ रहे हैं? आप अपने सबकॉन्शियस माइंड को मैसेज दे रहे हो। आपका शरीर सुन रहा है। आपका मन सुन रहा है। तो शरीर की हर सेल वाइब्रेट हो जानी चाहिए कि "आई एम द बेस्ट।" तैयार है? ओके, बोलो, "आई एम द बेस्ट।" "आई एम द विनर।" "आई एम द... " अरे, ऐसे नहीं है। आप एक साथ बोलो। हे, तड़िया ताड़ी मत नको। पहले मैं बोलूंगा, मेरे बाद में आप बोलना। ठीक है? ओके, पहले मैं बोलूंगा और सभी एक साथ बोलेंगे, "आई एम द बेस्ट।" "आई एम द बेस्ट।" "आई एम द विनर।" "आई एम द विनर।" "आई कैन डू इट।" "आई कैन डू इट।" "टुडे इज माय डे।" "टुडे इज माय डे।" "गॉड इज विद मी।" "गॉड इज विद मी।" "आई एम हेल्दी।" "आई एम हेल्दी।" "आई एम वेल्थी।" "आई एम वेल्थी।" "आई एम पावरफुल।" "आई एम पावरफुल।" "आई एम सक्सेसफुल।" "आई एम सक्सेसफुल।" "आई एम ब्यूटीफुल।" "आई एम ब्यूटीफुल।"

 

तालियां! अभी घर पर जाकर करना मत। घर पर जाकर मत बोलो, "आई एम द बेस्ट।" समझा? "आई एम द बेस्ट।" यह मन की अवस्था है। किसी को फोर्स नहीं करना। आप अगर अच्छे हो तो आपके वाइब्रेशन बताएंगे। बराबर है? रोज सुबह शाम पाच मिनट यह विचार अपने आप को

 

मेडिटेशन और कुछ नहीं। खुद का प्रोग्रामिंग है। ऑटो सजेशन है। स्पिरिचुअल ऑटो सजेशन हम कहते हैं। रोज अपने को विचार दो, "आई एम द चाइल्ड ऑफ गॉड। सर्वशक्तिमान मेरे साथ है। मैं सब कुछ कर सकता हूं।" यस और नो? यस! मैं सब कुछ कर सकता हूं क्योंकि मैं मास्टर सर्वशक्तिमान हूं। बराबर है? बोलो, "मैं मास्टर सर्वशक्तिमान।" "मैं मास्टर सर्वशक्तिमान।"

 

"मैं मास्टर सर्वशक्तिमान।"

आज का दिन मेरा है। आज का दिन मेरा है।

मैं सब कुछ कर सकता हूं। मैं सब कुछ कर सकता हूं।

सर्वशक्तिमान मेरे साथ है। सर्वशक्तिमान मेरे साथ है।

मेरी विजय निश्चित है। मेरी विजय निश्चित है।

मैं खुशी का देवता हूं। मैं खुशी का देवता हूं।

 

ओम शांति! बैठ जाओ, बैठ जाओ। थैंक यू! तालियां तो बजाओ ।